
Vidyut dhara ka si matrak kya hota hai, vidyut dhara kise kahate hain, sutr की matrak, prakar
आज के युग में विधुत धारा हमारे जीवन की जरूरत बन गई है । छोटे से छोटे काम से लेकर बड़ी से बड़ी मशीन विधुत धारा के द्वारा चलती है।
हमारे मोबाइल फोन ओर कम्प्यूटर भी विधुत धारा( current) से चलते है। जिससे हमें काम करना आसान हो जाता है।
What is electric current in hindi (विधुत धारा किसे कहते हैं)
vidyut dhara kise kahate hain धातुओं के अंतिम कक्ष में इलेक्ट्रॉन की संख्या बहुत कम होने के कारण इलेक्ट्रॉन तथा नाभिक के मध्य आकर्षण बल बहुत कम लगता है। अतः ऐसे इलेक्ट्रॉन कि हम गतिमान कर सकते है। इलेक्ट्रॉन कि इस गती को हम विधुत धारा कहते है।
vidyut dhara kise kahate hain विधुत धारा ( electric current in hindi ) कहते है।
आवेश उच्च विधुत विभव से निम्न विधुत विभव की ओर गती करते हैं। यहां पर धारा प्रवाह में धनात्मक तथा ऋणात्मक दोनों आवेश योगदान देते है।
विद्युत धारा :- इलेक्ट्रॉन के प्रवाह की दर को विधुत धारा कहते है।
विधुत धारा की दिशा (direction of electric current in hindi)
vidyut dhara kise kahate hain विधुत धारा का प्रवाह धनावेश के प्रवाह की तरह उच्च विभव से निम्न विभव की ओर होता है अर्थात धनात्मक शिरे से ऋणात्मक शिरे की ओर होता है या विद्युत धारा तथा धनावेश की दिशा समान होती हैं।
जबकि इलेक्ट्रॉन का प्रवाह ऋणात्मक शिरे से धनात्मक शिरे की ओर होता है अर्थात हम कह सकते हैं कि धारा की दिशा इलेक्ट्रॉन की दिशा के विपरीत होती हैं।
यहां पर आवेश तथा समय दोनों ही अदिश राशि होने के कारण विधुत धारा भी एक प्रकार की अदिश राशि है।
विधुत धारा वेक्टर के योग के नियम का पालन नहीं करती हैं । वेक्टर योग के अनुसार दो वेक्टरो का योग परिमाण तथा कोण पर निर्भर करता है जबकि दो विधुत धाराओ का योग उनके मध्य के कोण पर निर्भर नहीं करता है।
इसलिए दिशा तथा परिमाण दोनों के होने के बाद भी विधुत धारा एक अदिश राशि है। विधुत आरेख से भी यही सिद्ध होता है।
vidyut dhara ka sutra (विधुत धारा का सूत्र) vidyut dhara kise kahate hain
vidyut dhara ka sutra बेंजामिन फ्रैंकलिन के अनुसार किसी बन्द परिपथ में आवेश Q किसी समय t के लिए प्रवाहित होता है तब प्रवाहित धारा I हो तो
विधुत धारा = आवेश / समय या
I = Q / t
विधुत धारा का SI मात्रक vidyut dhara ka si matrak तथा विमा :-
vidyut dhara ka si matrak SI पद्धति में धारा को मूल राशि माना जाता है। विधुत धारा ( current in hindi ) का SI मात्रक एम्पियर होता है।
विधुत धारा को अमीटर से मापा जाता है। विधुत धारा की विमा [ A¹ ] होती हैं । vidyut dhara kise kahate hain
एक एम्पियर विधुत धारा की परिभाषा (vidhut dhara ki paribhasa) vidyut dhara kise kahate hain
यदि किसी परिपथ में एक सेकेंड में एक कुलाम आवेश का प्रवाह हो तो प्रवाहित विधुत धारा का मान एक एम्पियर होगा।
1 एम्पियर विधुत धारा = 1 कूलाम आवेश / 1 सेकंड
एक कुलाम आवेश में इलेक्ट्रॉन की संख्या हम जानते है कि q = ne
तब अतः जब 1sec में 6.25×10¹⁸ इलेक्ट्रॉन का प्रवाह होता है तो विधुत धारा का मान एक एम्पियर होगा।
हमारी शरीर की धमनियों में माइक्रो एम्पियर की धारा vidyut dhara kise kahate hain बहती है जबकि तड़ीत के द्वारा उत्पन्न होने वाली विधुत धारा का मान हजारों एम्पियर के समान होता है
धारा घनत्व (current density)
vidyut dhara kise kahate hain एकांक क्षेत्रफल से गुजरने वाली विधुत धारा को धारा घनत्व कहते है। इसे J से प्रदर्शित करते हैं।
माना किसी चालक का अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल A तथा इससे गुजरने वाली धारा I हो तो वहा पर
धारा घनत्व = विधुत धारा / क्षेत्रफल
विधुत धारा के प्रकार (type of current in hindi)
द्विष्ट धारा (direct current in hindi)
vidyut dhara kise kahate hain ऐसी विधुत धारा जिसकी दिशा समय के साथ परिवर्तित नहीं होती हैं , द्विष्ट धारा ( direct current in hindi ) कहलाती हैं। इसे DC से प्रदर्शित करते हैं। इसकी खोज थामस एडिसन ने की ।
द्विष्ट धारा का निर्माण द्विष्ट धारा जनित्र , लेड एसिड बैटरी , विधुत सैल , बैटरी कार डायनेमो , शुष्क सैल आदि से किया जाता है। इसका उपयोग बैटरी को चार्ज करने में किया जाता है।
प्रत्यावर्ती धारा (alternative current in hindi)
ऐसी विधुत धारा जिसका मान तथा दिशा समय के साथ परिवर्तित होती हैं, प्रत्यावर्ती धारा ( alternative current in hindi ) कहलाती हैं। इसकी खोज निकाला टेस्ला ने की । इसे हम AC से प्रदर्शित करते है।
इसका मान शून्य से अधिकतम तथा न्यूनतम होता रहता है। इसका मान पहले बड़ता है फिर घटता है। इसको हम थर्मल पावर प्लांट , प्रत्यावर्ती धारा जनित्र , नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र से प्राप्त कर सकते है।
अनुगमन वेग किसे कहते हैं
vidyut dhara kise kahate hain जब हम किसी चालक के शिरो पर विभांतर लगाते है तो चालक के अंदर उपस्थित मुक्त इलेक्ट्रॉन कैथोड से एनोड की ओर एक समान वेग से गती करने लगते है जिसे हम अनुगमन वेग कहते है। इसे Vd से दर्शाते है।
om ka niyam ओम का नियम (omhs law in hindi)
om ka niyam ya om ka niyam kya hai इस नियम के अनुसार स्थिर ताप ओर दाब पर किसी चालक में प्रवाहित होने वाली विधुत धारा उस चालक के शिरो पर लगाए गए विभांतर के समानुपाती होती हैं।
V = IR
व्हीटस्टोन सेतु
इस सिद्धांत में चार प्रतिरोधो को एक चतुर्भुज में जोड़ा जाता है । इसके दो शिरों पर विभांतर लगाया जाता है तथा दो शिरो पर अमीटर लगाया जाता है। संतुलन की अवस्था में अमीटर में कोई धारा ( vidyut dhara kise kahate hain ) प्रवाहित नहीं होती है।
माना चार प्रतिरोध P,Q,R तथा S है
तब P/Q = R/S
किरचोफ का नियम
पहला नियम :- किसी बिंदु पर आने वाली धारा तथा उस बिंदु से जाने वाली धारा का बीजगणित योग शून्य होता है। इसे धारा नियम या आवेश संरक्षण का नियम भी कहते है।
जैसे चित्रानुसार I₁+I₂+I₃=I₄+l₅
दूसरा नियम:- इस नियम के अनुसार किसी बन्द परिपथ में उपस्थित प्रतिरोधो तथा धाराओं का गुणन फल का योग उस परिपथ में लगाए गए कुल विभांतर के समान होता है। ये नियम किरचोफ का वोल्टेज नियम भी कहलाता हैं।